Makar Sankranti Essay in Hindi: इस मकर संक्रांति पर पढ़े निबंध हिंदी में, 10 लाइन

By | January 13, 2024
Makar Sankranti Essay in Hindi

Makar Sankranti Essay in Hindi : भारत हर्षोल्लासपूर्वक मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। यह आमतौर पर जनवरी में होता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तभी मकर संक्रांति मनाई जाती हैं।  2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी सोमवार को मनाया जाएगा। भारत में मकर संक्रांति एक विभिन्न नाम और अलग-अलग रीति-रिवाज के साथ मनाया जाता हैं। मकर संक्रांति को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बिहार और मध्यप्रदेश तरफ सकरांत या खिचड़ी के नाम ने मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करना काफी शुभ माना जाता हैं। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के गंगा में स्नान करने से आपके सभी पाप धुल जाएंगे। इसके साथ ही दान करने से आपको महा पुण्य की प्राप्ति होगी। पतंग उड़ाना मकर संक्रांति के सबसे रोमांचक पहलुओं में से एक है। छतों पर, सभी उम्र के लोग  पतंगें उड़ाने के लिए एकत्र होते हैं। मकर संक्रांति के दिन आकाश पतंग से भर जाता हैं। स्वादिष्ट भोजन  मकर संक्रांति के दिन घरों में बनाए जाते हैं ।

मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जो अक्सर निबंध लिखन का टॉपिक बनता है। ऐसे में यदि आप एक छात्र हैं और मकर संक्रांति के ऊपर निबंध (Essay on Makar Sankranti) लिखना चाहते हैं लेकिन आपको समझ में नहीं आ रहा है कि आप किस प्रकार मकर संक्रांति पर एक बेहतरीन निबंध लिख सकते हैं तो आज के आर्टिकल में Makar Sankranti Essay in Hindi और साथ में मकर संक्रांति पर निबंध 10 लाइन जुड़ी जानकारी आपसे साझा करेंगे आर्टिकल पर बने रहिएगा चलिए जानते हैं- 

Makar Sankranti Par Nibandh

मकर संक्रांति एक फसल उत्सव है जो भारत के सभी हिस्सों में मनाया जाता है, विशेषकर किसानों द्वारा इसे अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसे बिहार और झारखंड में खिचड़ी, गुजरात में उत्तरायण, पंजाब में माघी और तमिलनाडु में पोंगल के नाम से जाना जाता है।  यह वर्ष की शुरुआत में मनाए जाने वाले पहले त्योहारों में से एक हैं।   मकर संक्रांति प्रत्येक साल 14 जनवरी या 15 जनवरी को मनाया जाता है 2024 में मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी सोमवार को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाएगाI यह त्योहार सर्द सर्दियों के अंत और सुंदर और जीवंत गर्मियों की शुरुआत का प्रतीक है। दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। यह त्यौहार भगवान सूर्य को समर्पित है और बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह सूर्य का प्रतीक है, जिस हिंदू धर्म में भगवान माना जाता हैं।   मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान के उपरांत भगवान सूर्य देव की पूजा की जाती है ताकि उनका आशीर्वाद आपको प्राप्त हो सके। स्वादिष्ट भोजन  मकर संक्रांति के दिन घरों में बनाए जाते हैं विशेष तौर पर तिल और गुड़ का उपयोग विशेष मिठाइयाँ बनाने में किया जाता है। परिवार जश्न मनाने, रीति-रिवाजों का पालन करने और पारंपरिक कपड़े पहनने के लिए एकत्र होते हैं। 

मकर संक्रांति में दान का महत्व (Importance of Donation in Makar Sankranti)

मकर संक्रांति त्योहार में दान का विशेष महत्व है इसके बिना मकर संक्रांति का त्योहार अधूरा है पुराणों में इस बात का विवरण उल्लेखित किया गया है कि मकर संक्रांति के दिन यदि आप गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान करते हैं तो आपको पुण्य की प्राप्ति होगी और ईश्वर की कृपा आपके ऊपर हमेशा बनी रहेगी यही वजह है कि भारत के विभिन्न राज्यों में लोगों के द्वारा विभिन्न प्रकार की चीज दान की जाती हैं।  मकर संक्रांति के पावन त्यौहार पर सूर्य भगवान की पूजा के उपरांत खिचड़ी, फल, कंबल राशि के हिसाब से दान करने पर पुण्य की प्राप्ती होती है।  ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन पर किया गया दान आपको 100 गुना लाभ प्रदान करता है  इससे सूर्य देव प्रसन्न होते है और वह अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते है। 

मकर संक्रांति पर निबंध हिंदी में (Makar Sankranti Essay in Hindi)

मकर संक्रांति का महत्व: 

मकर संक्रांति एक ऐसा त्यौहार है जो भारत में अलग-अलग कारणों से मनाया जाता है। इस त्योहार का खगोलीय, कृषि और सांस्कृतिक महत्व है। खगोलीय दृष्टि से, मकर संक्रांति उस दिन को चिह्नित करती है जब सूर्य उत्तर की ओर अपनी यात्रा शुरू करता है, और यह वह दिन भी है जब दिन बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती हैं। यह भारतीय कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि यह वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है, जिसे विकास और समृद्धि का मौसम माना जाता है। कृषि की दृष्टि से, मकर संक्रांति भारत में फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। यह वह समय है जब किसान भरपूर फसल के लिए भगवान को धन्यवाद देते हैं और भविष्य में अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं। भारत के कुछ हिस्सों में, किसान इस दिन गायों और अन्य जानवरों की भी पूजा करते हैं, क्योंकि उन्हें हिंदू पौराणिक कथाओं में पवित्र माना जाता है।

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मकर संक्रांति पर निबंध 10 लाइन (Makar Sankranti Essay in (10 Lines)

10 Lines On Makar Sankaranti In Hindi
  • मकर संक्रांति पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है और हर साल 14 जनवरी को मनाई जाती है।
  • यह त्यौहार पतंग उड़ाने के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन आप आसमान को खूबसूरत पतंगों से रंगा हुआ देखेंगे।
  • इस भव्य त्योहार को मनाने के लिए हर 12 साल में एक बार कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। इस विशाल मेले को देखने और पवित्र गंगा नदी में स्नान करने के लिए लाखों लोग प्रयागराज आते हैं।
  • इस दिन लोग तिल और गुड़ से बनी स्वादिष्ट मिठाइयाँ खाते हैं ।
  • कर्नाटक में, मकर सक्रांति पर, व्यंजनों का आदान-प्रदान करने की परंपरा को एलु बिरोधु कहा जाता है ।
  • भारत के अलग-अलग राज्यों में लोग मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाते हैं। दक्षिण भारत के लिए ‘पोंगल’, असम में ‘माघ बिहू’ और बिहार में ‘खिचड़ी’।
  • मकर संक्रांति के दिन से सर्दी का मौसम कम होने लगता है। साथ ही दिन भी बड़े हो जाते हैं.
  • मकर संक्रांति उत्सव भारत में फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है।
  • मकर संक्रांति को नेपाल में माघे संक्रांति के नाम से भी मनाया जाता है।
  • यह त्यौहार सूर्य देव को समर्पित है, जो पृथ्वी पर जीवन का समर्थन करने के लिए गर्मी और प्रकाश फैलाते हैं।

मकर संक्रांति पर निबंध | Makar Sankranti Per Nibandh Hindi Me

महाभारत में मकर संक्रांति का महत्व:-

मकर संक्रांति का महत्व महाभारत के युद्ध में भी विशेष रहा था महाभारत युद्ध में भीष्म पितामह बुरी तरह से घायल होकर तीरों की शैय्या पर लेटे हुए थे उन्हें इच्छित मृत्यु का वरदान प्राप्त इसलिए युद्ध भूमि में घायल होने के बावजूद भी कई दिनों तक भीष्म पितामह जीवित रहे उन्होंने अपना शरीर सूर्य उत्तरायण होने पर माघ    शुल्क अष्टमी के दिन अपनी इच्छा से अपने शरीर का त्याग किया था।  इस दौरान उनका श्राद्ध संस्कार भी पूरा किया गया था तभी से ऐसी मान्यता है कि मनुष्य अगर संक्रांति के दिन मृत्यु को प्राप्त होता है तो जन्म मृत्यु के चक्र से उसे मुक्ति मिल जाती है और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है मकर संक्रांति के दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए तिलक और जल तर्पण की प्रथा प्रचलित है।

मकर संक्रांति पर निबंध कैसे लिखे | How to Write Essay On Makar Sankranti

मकर संक्रांति के दिन क्या करें और क्या ना करें

 मकर संक्रांति के दिन क्या करें 

मकर संक्रांति के दिन आप निम्नलिखित प्रकार के काम कर सकते हैं जिससे आपको मकर संक्रांति का शुभ फल प्राप्त होगा इसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं आईए जानते हैं- 

  • मकर संक्रांति के मौके पर नदियों में स्नान करने  विशेष महत्व ऐसी मान्यता है की गंगा स्नान से आपके सारे पाप धुल जाएंगे
  • भगवान सूर्य देव की पूजा मकर संक्रांति की दिन करने से आपके घर में सुख शांति हमेशा बनी रहेगी
  • ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति प्रदान करने से आपको महा पुण्य की प्राप्ति होगी
  • मकर संक्रांति के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र और कंबल दान करें कंबल विशेष तौर पर काले रंग का होना चाहिए ताकि  शनि दोष आपको छुटकारा मिल सके।

मकर संक्रांति के दिन कौन से काम ना करें

मकर संक्रांति पर आप निम्नलिखित प्रकार के काम ना करें जिसका विवरण हम नीचे दे रहे हैं आईए जानते हैं- 

  • मकर संक्रांति के दिन बिल्कुल सात्विक रहना चाहिए. 
  • मकर संक्रांति के दिन आप तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें।
  • अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. मकर संक्रांति पर लोगों के साथ मधुर वाणी में बात करें।
  • मकर संक्रांति के दिन पेड़ों की कटाई-छटाई भी नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से जीवन में संकट और बाधा आएगी
  • मकर संक्रांति के दिन बिना नहाए पूजा और खाना अशुभ माना जाता है अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में दरिद्रता आएगी 
  • . मकर संक्रांति के दिन आप अपने दरवाजे से किसी भी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को खाली हाथ जाने ना दें
  • मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन करने से बचना चाहिए  ऐसा करने से आपको भगवान सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होगी।

संक्रांति पर निबंध हिंदी में | Sankranti Essay in Hindi

मकर संक्रांति का त्योहार भारत के विभिन्न राज्यों में अपनी-अपनी धार्मिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों और संस्कृति के आधार पर मनाए जाने वाले हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। मकर संक्रांति का यह त्यौहार हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है, इस त्यौहार के साथ ही विवाह, पूजा-पाठ, अनुष्ठान जैसे शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।  2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी 2024 को मनाया जाएगा संक्रांति सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना है, एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच के समय को सौर मास कहा जाता है। वैसे तो कुल 12 सूर्य संक्रांति हैं, लेकिन इनमें से मेष, कर्क, तुला और मकर संक्रांति सबसे महत्वपूर्ण हैं। अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार इस त्योहार के पकवान भी अलग-अलग होते हैं, हालांकि दाल और चावल की खिचड़ी इस त्योहार की मुख्य पहचान है।इस दिन गुड़ और घी के साथ खिचड़ी खाना बहुत जरूरी होता है.इसके अलावा मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का भी बहुत महत्व है। मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करना चाहिए ।इसके बाद परिवार के सभी सदस्य सूर्य देव की पूजा करते हैं और उन्हें अर्घ्य देते हैं और खिचड़ी का भोग लगाते हैं।इसके साथ ही मकर संक्रांति के दिन लोग अपने पितरों का ध्यान करते हैं और उन्हें तर्पण भी देते हैं।

इसके अलावा इस दिन तिल और गुड़ के लड्डू और तरह-तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं. भारत के गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता आयोजित की जाती है जहां पर अधिक संख्या में लोग सम्मिलित होकर पतंगबाजी प्रतियोगिता का आनंद उठाते हैं।

मकर संक्रांति निबंद हिंदी | Makar Sankranti Essay Hindi 

प्रस्तावना:

 हमारा देश भारत त्योहारों और मेलों का देश है, जहां विभिन्न धर्म, जाति, समुदाय, संस्कृति, लिंग और पंथ आदि के लोग रहते हैं और अपने-अपने तरीके से अपना त्योहार मनाते हैं।इसी तरह मकर संक्रांति का त्योहार भी हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह से मनाया जाता हैं। यह त्यौहार हर साल मकर संक्रांति पर 14 और 15 जनवरी को मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के आधार पर मकर संक्रांति का त्योहार पौष माह में मनाया जाता है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति का त्यौहार एक ऐसा त्यौहार है जो पृथ्वी की तुलना में सूर्य की स्थिति के आधार पर मनाया जाता है। यही कारण है कि चंद्रमा की स्थिति में मामूली बदलाव के कारण इसे कभी 14 जनवरी तो कभी 15 जनवरी को मनाया जाता है।वैज्ञानिकों के अनुसार इस दिन से पहले सूर्य का उदय पूर्व से होते हुए दक्षिण दिशा में होता था। लेकिन इस दिन के बाद सूर्य पूर्व दिशा से उगता है और उत्तरी गोलार्ध में अस्त होता है, इसलिए इस दिन से रात का समय छोटा होने लगता है और दिन बड़े होने लगते हैं। 

मकर संक्रांति का त्यौहार कैसे मनायें:

  • मकर संक्रांति का त्यौहार भारत के विभिन्न राज्यों में अपनी-अपनी धार्मिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।
  • इस दिन गुड़, खिचड़ी, तिल, फल आदि दान करने का भी अलग महत्व है।
  • मकर संक्रांति के दिन पवित्र तीर्थों और नदियों में स्नान करने का भी विशेष महत्व है और इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है।
  •  इस दिन पतंग उड़ाने का भी अलग ही महत्व होता है।
  • मकर संक्रांति के मौके पर कई राज्यों में बड़े पैमाने पर पतंग उत्सव का भी आयोजन किया जा सकता है.
  • इस दिन लोग तिल, गुड़ के लड्डू और तरह-तरह के पकवान बनाते हैं।

 मकर संक्रांति पर दान का महत्व 

 मकर संक्रांति के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों मदद करने का अपना अलग ही महत्व है।इस दिन खिचड़ी, तिल, गुड आदि का दान बहुत फलदायी और उत्तम माना जाता है।इस दिन विवाहित महिलाएं अन्य संपन्न महिलाओं को दूध, कपड़े, नमक और अन्य जरूरत की चीजें दान करती हैं। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन किया गया दान आपको 100 गुना लाभ पहुंचता हैं। 

विशेष भोजन और व्यंजन:

भारत में, कोई भी उत्सव स्वादिष्ट भोजन के बिना पूरा नहीं होगा! मकर संक्रांति को “लड्डू,” “पीठा,” और “तिल-गुल” जैसे विशेष व्यंजन बनाकर मनाया जाता है, जो तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ हैं। इन मिठाइयों को परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के साथ बांटने से खुशी और खुशी फैलती है। 

 उपसंहार 

मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जो खुशी, सद्भाव और धन को बढ़ावा देता है। चारों ओर खुशी है, चाहे वह आसमान में उड़ती पतंगों से हो या चारों ओर बांटी जाने वाली स्वादिष्ट मिठाइयों से। इस दिन सभी लोग सभी लोग मिलकर मकर संक्रांति त्योहार का आनंद उठते हैं। 

मकर संक्रांति भाषण | Speech On Makar Sankranti  

सभी को अभिवादन! आज हम मकर संक्रांति मनाने के लिए एकत्र हुए हैं, यह त्योहार खुशी, एकता और देने की भावना का प्रतीक है। यह विशेष दिन सूर्य के उत्तरी गोलार्ध में  प्रवेश करता हैं। मकर संक्रांति एक अनोखा त्यौहार है। जबकि अधिकांश भारतीय त्यौहार चंद्र कैलेंडर का पालन करते हैं, मकर संक्रांति सौर कैलेंडर का पालन करती है। यह हर साल 14 जनवरी को एक ही दिन पड़ता है। यह निरंतरता हमें याद दिलाती है कि जीवन चाहे कितना भी अप्रत्याशित क्यों न हो, कुछ चीजें हमेशा स्थिर रहती हैं । भारत के कई हिस्सों में लोग इस दिन पतंग उड़ाते हैं। बच्चे और वयस्क समान रूप से  पतंग प्रतियोगिता में सम्मिलित होते हैं आकाश रंग बिरंगी पतंग से भर जाता है आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है, जो हमारे सपनों और आकांक्षाओं का प्रतीक हैं। जैसे-जैसे पतंगें ऊंची उड़ान भरती हैं, वे हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचने और कभी हार न मानने के लिए प्रेरित करती हैं।  मकर संक्रांति के दिन दान करने की एक अनूठी परंपरा हैं।  इस दिन सभी लोग गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन  कपड़े और दूसरे आवश्यक चीज दान में देते  हैं। ऐसी मान्यता है कि दान करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होगी।  मकर संक्रांति का त्यौहार का  सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी है’ संक्रांति’ शब्द का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। मकर संक्रांति पर, सूर्य मकर राशि या ‘मकर’ राशि में प्रवेश करता है।  मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से आपको पिछले जन्म के सभी पापों से मुक्ति होती हैं।  मकर संक्रांति के दिन भारत के विभिन्न राज्यों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं जैसे- उत्तर में लोग ‘खिचड़ी’ बनाते हैं, जबकि दक्षिण में ‘पोंगल’ नामक पकवान तैयार किया जाता है। महाराष्ट्र में तिल और गुड़ के लड्डू, जिन्हें ‘तिलगुल’ कहा जाता है, बांटे जाते हैं।  लिए हम सब मिलकर मकर संक्रांति का त्योहार धूमधाम और उमंग के साथ मनाएं

धन्यवाद ! 

मकर संक्रांति पर निबंध PDF Donload हिंदी में:-

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मकर संक्रांति पर पैराग्राफ | Paragraph On Makar Sankranti 

मकर संक्रांति वह त्योहार है जिसे प्रमुख रूप से हिंदू समुदाय द्वारा बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है हालांकि सौर चक्र के आधार पर मकर संक्रांति 15 जनवरी को भी मनाया जा सकता है । लोग सुबह नदियों में पवित्र स्नान करके भगवान सूर्य पूजा आराधना करके मकर संक्रांति त्योहार को मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि मकर संक्रांति पर गंगा नदी में स्नान करने से हमारे सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लोग तिल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ खाकर मौसम के उत्सव का आनंद लेते हैं। लोग, विशेषकर बच्चे, अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ पतंग उड़ाकर इस अवसर का आनंद लेते हैं।

Conclusion:

उम्मीद करता हूं कि हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल आपको पसंद आएगा आर्टिकल संबंधित अगर आपका कोई भी सुझाव या प्रश्न है तो आप हमारे कमेंट सेक्शन में जाकर पूछ सकते हैं उसका उत्तर हम आपको जरूर देंगे तब तक के लिए धन्यवाद और मिलते हैं अगले आर्टिकल में 

FAQ’s Makar Sankranti Essay in Hindi

Q.  मकर संक्रांति कब आती है?

Ans मकर संक्रांति का त्योहार जनवरी की 14 या 15 तारीख को आता है |

Q. साल 2023 में मकर संक्रांति कौन सी तारीख और दिन को है?

Ans साल 2023 में 15 जनवरी दिन रविवार को मकर संक्रांति है |

Q. मकर संक्रांति को उत्तरायन के नाम से कहां मनाया जाता है ?

Ans. गुजरात और राजस्थान में मकर संक्रांति को उत्तारायन के नाम से जाना जाता है |

Q. मकर संक्रांति के दिन क्या करना चाहिए?

Ans इस दिन स्नान कर के सूर्य देव की पूजा करना चाहिए और दान करना चाहिए |

इस ब्लॉग पोस्ट पर आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। इसी प्रकार के बेहतरीन सूचनाप्रद एवं ज्ञानवर्धक लेख easybhulekh.in पर पढ़ते रहने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं।

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